Apj Abdul Kalam In Hindi Short Essays

डा० ए० पी० जे० अब्दुल कलाम

'डा० अब्दुल कलाम' का जन्म 15 अक्टूबर 1931 ई० को भारत के तमिलनाडु राज्य के रामेश्वरम में हुआ था। इनका पूरा नाम डा० अबुल पकीर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम है। इनके पिता श्री जैनुलाबदीन मध्यमवर्गीय परिवार के थे। कलाम ने अपने पिता से ईमानदारी, आत्मानुशासन की विरासत पाई और माता से ईश्वर-विश्वास तथा करुणा का उपहार लिया।

कलाम ने 1950 में तिरुचिरापल्ली के सेंट जोसेफ कॉलेज से बी० एस० सी० की परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने मद्रास इंस्टीटयूट ऑफ़ टेक्नोलोजी से एरोनोटिकल इंजीनियरिंग में उपाधि प्राप्त की। 1958 ई० में कलाम डी० टी० डी० एंड पी० में तकनीकी केंद्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक सहायक के पद पर नियुक्त हुए। 1963 से 1982 ई० तक कलाम ने अन्तरिक्ष अनुसंधान समिति में विभिन्न पदों पर काम किया।

सन 1981 के गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर डा० कलाम को 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया गया। भारत सरकार द्वारा 1990 ई० में इन्हें 'पद्म विभूषण' और 1997 ई० में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया। 25 जुलाई 2002 को डा० कलाम ने भारत के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। कलाम 'मिसाइल मैन' के नाम से प्रसिद्द हैं।

सोमवार दिनांक 27 जुलाई 2015 की शाम मेघालय की राजधानी शिलांग में हृदयाघात होने से डॉ कलाम का देहान्त हो गया। वे भारतीय प्रबन्ध संस्थान में एक लैक्चर दे रहे थे कि अचानक बेहोश हो गए। पूर्व राष्‍ट्रपति डॉ. कलाम का अन्तिम संस्‍कार पूरे सैन्‍य सम्‍मान के साथ गुरूवार, 30 जुलाई, 2015 को सुबह 11 बजे तमिलनाडु के रामेश्‍वरम नगर में किया गया।

डा० अब्दुल कलाम एक महान वैज्ञानिक होने के साथ-साथ गंभीर चिंतक और अच्छे इंसान भी थे। बाल-शिक्षा में विशेष रूचि रखने वाले कलाम को वीणा बजाने का भी शौक था। राजनीति से दूर रहकर भी कलाम राजनीति के सर्वोच्च शिखर पर विराजमान रहे।

[Updated on 01.08.2015] 



A. P. J. Abdul Kalam

पूरा नाम  – अबुल पकिर जैनुलाबदीन
जन्म        – 15 अक्टूबर 1931
जन्मस्थान – रामेश्वरम, तमिलनाडु
पिता       – जैनुलाबदीन
माता       – अशींमा जैनुलाबदीन

A. P. J. Abdul Kalam Biography In Hindi – ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जीवनी

अबुल पकिर जैनुलाबदीन (ए.पी.जे. अब्दुल कलाम) 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रह चुके है. उनका पेशा एक वैज्ञानिक से एक राजनेता के रूप में बदला, कलाम का जन्म रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ और वे वही बड़े भी हुए एवम भौतिक विज्ञानं और अन्तरिक्ष प्रोद्योगिकी अभियांत्रिकी में अपनी शिक्षा पूर्ण की.

और उन्होंने अपने जीवन के 40 साल एक वैज्ञानिक और वैज्ञानिक प्रबंधक के रूप में Defence Research And Development Organisation (DRDO) और Indian Space Research Organisation (ISRO) में बिताये. और परिचित रूप से इंडियन सिविलियन स्पेस प्रोग्राम और मिलिट्री मिसाइल डेवलपमेंट में भी शामिल हुए.

Ofballistic मिसाइल और वाहन बनाने के तंत्रज्ञान में उनके सराहनीय कार्य करने हेतु उन्हें लोग भारत के “मिसाइल मैन” के नाम से भी जानते है. वे प्रधान संस्थाओ में भी शामिल है. और साथ ही तांत्रिक और राजनितिक रूप से 1998 के भारत के “पोखरण/नुक्लेअर” टेस्ट में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. जो 1974 के बाद भारत का पहला नुक्लेअर टेस्ट था.

कलाम को सन 2002 में भारतीय जनता पार्टी और विरोधी भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस के सहयोग से भारत का 11 व राष्ट्रपति चुना गया. जो अधिकतर “सामान्य लोगो के राष्ट्रपति” माने जाते थे, और कुछ बाद वे अपने सिविलियन जीवन और सामाजिक कार्यो में पूर्ण रूप से व्यस्त हो गये. वे कई सारे अवार्ड कर हकदार भी रह चुके है, उन्ही में से एक “भारत रत्न” भी उन्हें मिला.

A. P. J. Abdul Kalam early life story & education – जीवन और शिक्षण

अबुल पाकिर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 में एक तमिल मुस्लिम परिवार में तीर्थयात्रा के दौरान, पम्बन द्वीप पर रामेश्वरम में हुआ, जो पहले मद्रास में था और अब वह तमिलनाडु राज्य में है. उनके पिता एक नाव चालक और पास ही की स्थानिक मस्जिद के इमाम थे, उनकी माता अशींमा गृहिणी थी. उनके पिता ने एक नाव खरीद रखी थी जो रामेश्वरम आये हिंदु तीर्थयात्रियो को एक छोर से दुसरे छोर पर छोड़ते थे.

कलाम अपने चार भाइयो में सबसे छोटे थे और उन्हें एक बहन भी थी. उनके पूर्वक जमींदार थे और बहोत आमिर भी थे उन्होंने उनके लिए बहोत सी जमीन छोड़ रखी थी. उनका मुख्य व्यवसाय श्री लंका से अनाज का व्यापार करना था और रामेशवरम आये तीर्थयात्रियो को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना था जैसे की रामेश्वरम से पम्बन. और परिणामतः उनके परिवार को एक नया शीर्षक मिला “Mara Kalam Iyakkivar (लकड़ी की नव से मार्ग दिखने वाले)”, और ये नाम कुछ साल बाद छोटा होकर “Marakier” बना.

1914 में पम्बन पुल के उदघाटन के साथ ही, उनके परिवार का व्यापार पूरी तरह से बंद हो गया और समय के साथ-साथ उन्होंने अपनी सारी जमीन भी खो दी थी, और अपने पुराने घर से भी अलग हो गये थे. और कलाम के बचपन में ही उनका परिवार गरीब हो गया था, और उनके परिवार की मदत करने के उद्देश से वे छोटी से उम्र में अखबार बाटने का काम करते थे.

उनके स्कूल के सालो में, कलाम को एक साधारण विद्यार्थी कहा गया लेकिन साथ ही उन्हें एक होनहार, होशियार और कड़ी महेनत करने वला विद्यार्थी, साथ ही सिखने की इच्छा रखने वाला विद्यार्थी कहा गया. वे घंटो तक पढाई करते, खास कर के गणित के विषयो की.

Schwartz Higher Secondary School, रामनाथपुरम से अपनी पढाई पूरी करने के बाद, कलाम तिरुचिराप्पल्ली के सैंट जोसफ कॉलेज, पढने के लिए गए. फिर मद्रास यूनिवर्सिटी की शाखा से 1954 में वे भौतिक विज्ञानं से स्नातक हुए.

बाद में वे 1955 में मद्रास गये, जहा मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी में अन्तरिक्ष प्रोद्योगिकी अभियांत्रिकी की पढाई की. जब कलाम किसी वरिष्ट कक्षा के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, वहा डीन उनकी प्रगति से नाखुश थे और उन्होंने कलाम को शिष्यवृत्ति रद्द करने की धमकी भी दी और 3 दिनों में सही तरह से प्रोजेक्ट बनाने कहा.

उस समय कलाम अपनी अन्तिम्रेखा पर थे, लेकिन आखिर में उन्होंने डीन को खुश कर ही दिया और अंत में डीन ने कहा, “मैंने तुम्हे बहोत मुश्किलों और बाधाओ में दाल दिया था”. वे अपने सपने “लड़ाकू पायलट” बन ने से थोड़े से चुक गये, क्यू की वे परीक्षा में 9 वे आये थे और IAF (इंडियन एयर फ़ोर्स) में केवल 8 ही जगह खली थी.

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम मृत्यु  : A. P. J. Abdul Kalam death

27 जुलाई 2015 को, कलाम “Creating A Livable Planet Earth” पर भाषण देने के लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, शिलोंग गये. और तक़रीबन 6:35 P.M IST के आस-पास, उनके भाषण के 5 मिनट बाद ही, वे निचे गिरे. झा उन्हें जल्दी में इस अवस्था में पास ही के बेथानी हॉस्पिटल में ले जाया गया, जहा उनकी नाडी में कोई हलचल नहीं हो रही थी और जीवन के कोई संकेत नहीं दिखाई दे रहे थे. उन्हें अन्य जगह पर ले जाने से पूर्व ही ये तय हो चूका था की 7:45 P.M IST को अचानक हृदय विकार से उनकी मौत हो चुकी थी उनके अंतिम शब्द उनके सहायक श्रीजन पाल सिंह के लिए थे, जो खबरों के अनुसार : “मजाकिया व्यक्ति! क्या तुम अच्छा कर रहे हो?” थे.

30 जुलाई 2015 को, किसानो के राष्ट्रपति रामेश्वरम के पी करुम्बू मैदान पर पुरे विश्व के सम्मान के साथ मिटटी मं ओझल हो गये. उनकी अंतिम यात्रा में करीब 3,50,000 ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमे भारत के प्रधानमंत्री, तमिलनाडु के अध्यापक और कर्नाटक, केरला और आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल थे.

और अधिक लेख:

  1. अब्दुल कलाम के अनमोल विचार
  2. APJ Abdul Kalam Speech
  3. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम पुस्तकें
  4. भारत के राष्ट्रपति और जीवनी
  5. List of Indian scientists

Note: अगर आपके पास A. P. J. Abdul Kalam Biography in Hindi मैं और Information हैं, या दी गयी जानकारी मैं कुछ गलत लगे तो तुरंत हमें कमेंट मैं लिखे हम इस अपडेट करते रहेंगे.
अगर आपको हमारी Information About A. P. J. Abdul Kalam In Hindi अच्छी लगे तो जरुर हमें Facebook पर Like और Share कीजिये.
Note: E-MAIL Subscription करे और पायें Essay On A. P. J. Abdul Kalam in Hindi आपके ईमेल पर.
कुछ महत्वपूर्ण जानकारी ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के बारे में विकिपीडिया से ली गयी है.

Gyani Pandit

GyaniPandit.com Best Hindi Website For Motivational And Educational Article... Here You Can Find Hindi Quotes, Suvichar, Biography, History, Inspiring Entrepreneurs Stories, Hindi Speech, Personality Development Article And More Useful Content In Hindi.

0 Replies to “Apj Abdul Kalam In Hindi Short Essays”

Lascia un Commento

L'indirizzo email non verrà pubblicato. I campi obbligatori sono contrassegnati *